डीएसटीपीएस डीवीसी में राजभाषा कार्यशाला एवं राजभाषा प्रबोधिनी के द्वितीय संकलन का विमोचन

“सुस्पष्ट टिप्पणी निर्णय को सुगम और प्रभावी आलेखन कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है” — श्री अनिल कुमार जैन, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान

अंडाल : । दामोदर घाटी निगम के दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, अंडाल में राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति, डीएसटीपीएस के तत्वावधान में 27.08.2026 को एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन, दिव्यज्योति भवन स्थित प्रशिक्षण कक्ष में विधिवत संपन्न हुआ। कार्याशाला में प्लांट के विभिन्न अनुभागों के 40 (चालीस) अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर “राजभाषा प्रबोधिनी – हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ” अगस्त, 2026, द्वितीय संकलन का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथि प्रवक्ता श्री दीपक साव, सहायक निदेशक (राजभाषा), हिंदी शिक्षण योजना, आसनसोल केंद्र, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार का उत्तरीय, हरी पौध एवं स्मृति-फ़लक भेंट कर अभिनंदन किया गया।अभिव्यक्ति: इस अवसर पर श्रीकांत गेडेला, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने स्वागत-सह-उद्घाटन भाषण दिया। मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार जैन, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान तथा अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति, डीएसटीपीएस ने अपने संबोधन में कहा कि ‘राजभाषा प्रबोधिनी’ का द्वितीय संकलन कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग और निरंतर प्रगति का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने ‘ग’ क्षेत्र में शासकीय पत्राचार, टिप्पण एवं आलेखन को सरल, स्पष्ट और प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी का वास्तविक उद्देश्य दैनिक कार्यालयीन कार्यों में सहज एवं प्रभावी प्रयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सुस्पष्ट टिप्पणी निर्णय को सुगम और प्रभावी आलेखन कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कार्यशाला के व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ उठाकर हिंदी के प्रयोग को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि श्री सुखदेव खाँ, वरिष्ठ महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) ने कहा कि तकनीकी कार्यों के साथ हिंदी में पत्राचार, टिप्पण एवं आलेखन भी कार्यालयीन कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सरल एवं स्पष्ट हिंदी के प्रयोग से झिझक दूर करने और कार्यशाला में प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान को दैनिक कार्यों में अपनाने पर बल दिया। हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने कार्यक्रम को संचालित करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यशाला सत्र: कार्यशाला के प्रथम सत्र में “हिंदी में शासकीय पत्राचार, टिप्पण एवं आलेखन : ‘ग’ क्षेत्र के लक्ष्य एवं सुगम व्यावहारिक अभ्यास” विषय पर अतिथि प्रवक्ता श्री दीपक साव ने प्रतिभागियों को शासकीय कार्यों में सरल एवं प्रभावी हिंदी के प्रयोग के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया। उन्होंने हिंदी पत्राचार आउट टिप्पण के विविध रूपों पर बखूबी प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में श्री इस्माईल मियाँ, हिंदी अधिकारी, दाघानि, दुइताविके, अंडाल ने शासकीय पत्राचार, टिप्पण एवं आलेखन से संबंधित अभ्यास कराया।पुस्तक व प्रमाण-पत्र वितरण: कार्यशाला के दौरान परिसंवाद सत्र में प्रतिभागियों ने हिंदी में कार्यालयीन कार्यों के अनुभव, चुनौतियाँ तथा उनके व्यावहारिक समाधान साझा किए। इस अवसर पर विभागीय रूप से प्रकाशित एवं संकलित “राजभाषा प्रबोधिनी – हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ” की प्रतियाँ तथा कार्यशाला प्रमाण-पत्र प्रतिभागियों को वितरित किए गए।उपस्थिति : कार्यशाला में डीएसटीपीएस के विभिन्न अनुभागों से अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रमुख रूप से श्री विवेक कुमार सिन्हा, वरिष्ठ प्रबंधक (वि.), श्री सुनील गोराँई, वरिष्ठ प्रबंधक (वि.), श्री रवीन्द्र कुमार रवि, वरिष्ठ प्रबंधक (यां.), श्री योगेश मिलन, वरिष्ठ प्रबंधक (सी व आई), मो. शमीम अहमद, वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर), श्रीमती रीना यादव, प्रबंधक (वि.), श्री अमित कुमार, प्रबंधक (यां.), श्री झारेश्वर कुमार, प्रबंधक (रसा.), मो. नसीम जावेद, प्रबंधक (रसा.), श्री शुभायु नाथ, सहायक प्रबंधक (रसा.), श्रीमती सयानी भौमिक, प्रबंधक (यां.), श्री आशीष सैनी, प्रबंधक (यां.), श्री संजीब रॉय, प्रबंधक (मा.सं.), श्री अनिर्बाण पाल, प्रबंधक (सी व आई), श्री पंकज लोचन, प्रबंधक (असै.), श्रीमती अंतरा पॉल, प्रबंधक (वित्त), श्री सत्य नारायण गोराई, प्रबंधक (वित्त), श्रीमती मोहना देब, प्रबंधक (वि.), श्रीमती जयंती मुखर्जी, कार्यपालक (असै.), एस.के. मोहम्मद यासीन, प्रबंधक (वि.), श्री संजय बाउरी, प्रबंधक (वि.), श्री रंजीत कुमार, प्रबंधक (वि.), श्री राकेश रंजन, प्रबंधक (वि.), श्री फ़िरोज़ आलम अंसारी, प्रबंधक (वि.), श्री मनीष जैन, प्रबंधक (यां.), मो. काशिफ अहसन, प्रबंधक (यां.), श्री विवेकानंद, प्रबंधक (यां.), श्री इमरान रज़ा, प्रबंधक (यां.), श्री अरिंदम गराई, प्रबंधक (सी व आई), एस.के. नज़रुल इस्लाम, प्रबंधक (सी व आई), श्रीमती संगीता दास, प्रबंधक (सी व आई), श्री अनुराग मिश्रा, प्रबंधक (यां.), श्री आतिश कुमार पंडा, उप प्रबंधक (वित्त), श्री आशीष कुमार पोथल, उप प्रबंधक (यां.), श्री बिप्लब घोष, उप प्रबंधक (वि.), श्री उदय साहा, उप प्रबंधक (संरक्षा), श्री सुभाष कुमार, सहायक प्रबंधक (यां.), श्री रणदीप दास, सहायक प्रबंधक (आईटी), श्री शरद निगम, कार्यपालक (यां.) तथा सुश्री मोनालिसा नायक, कार्यपालक प्रशिक्षु (मा.सं.) आदि अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला को सफल बनाने में हिंदी सहायक अशोक कुमार कपूर और सहायक प्रबंधक श्रीमती पारिजात चक्रवर्ती की सराहनीय भूमिका रही। कार्यशाला का उद्देश्य डीएसटीपीएस में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को अधिक सरल, सहज, प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाना तथा ‘ग’ क्षेत्र के राजभाषा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना रहा।

Click Here to Visit
What's Your Reaction?