डीवीसी डीएसटीपीएस में कवि गोष्ठी राजभाषा संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन

‘हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और प्रशासनिक प्रभावशीलता का सशक्त माध्यम भी है।‘ - परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह

अंडाल (दुर्गापुर): दामोदर घाटी निगम के दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, अंडाल के राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति के तत्वावधान में दिनांक 28 जनवरी, 2026 को स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में कवि गोष्ठी, राजभाषा संगोष्ठी एवं राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय एवं सफल आयोजन किया गया।

उद्घाटन सत्र: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राम प्रवेश साह, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान, डीएसटीपीएस, डीवीसी रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री सत्य रंजन पांडा, महाप्रबंधक (अनुरक्षण), श्री राजेश कुमार लायक, महाप्रबंधक (यांत्रिक), श्रीमती रेखा साह, श्रीमती स्मिता रानी पांडा तथा प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि श्री पवन बांके बिहारी (आसनसोल, पश्चिम बंगाल) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सद्भावना मंगलदीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत रवीन्द्र संगीत पर आधारित समूह नृत्य की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति श्रीमती सयानी भौमिक एवं श्रीमती सतरूपा मुखर्जी द्वारा दी गई, जिसे उपस्थित दर्शकों ने भरपूर सराहना दी। मंच पर मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का आगमन शिशु हरित पौध भेंट कर तथा कवि को उत्तरीय ओढ़ाकर किया गया। स्वागत भाषण श्री श्रीकांत गेडाला, उप महाप्रबंधक (मा.सं.) द्वारा प्रस्तुत किया गया।
संगोष्ठी सत्र: संगोष्ठी का विषय था— “डिजिटल युग में हिंदी : राष्ट्रीय आधार, अंतरराष्ट्रीय विस्तार”। संगोष्ठी के प्रमुख वक्ता श्री ऋषिकेश कुमार, उप महाप्रबंधक (यांत्रिक), डीवीसी, डीएसटीपीएस रहे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग ने हिंदी को राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर वैश्विक पहचान दिलाई है। तकनीक, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) के माध्यम से हिंदी आज अभिव्यक्ति, संप्रेषण और ज्ञान-विज्ञान की प्रभावी भाषा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर विस्तार कर रही है।मंचासीन अतिथियों द्वारा भी विषय पर अपने विचार साझा किए गए।
मुख्य अतिथि श्री राम प्रवेश साह ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और प्रशासनिक प्रभावशीलता का सशक्त माध्यम भी है। डिजिटल युग में हिंदी का प्रयोग कार्यस्थलों पर अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी हुआ है। डीएसटीपीएस में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं तथा भविष्य में इन्हें और सुदृढ़ किया जाएगा।” विशिष्ट अतिथि श्री सत्य रंजन पांडा, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) ने अपने वक्तव्य में कहा कि “तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग से कार्य-प्रक्रिया में स्पष्टता आती है। इस प्रकार के आयोजन राजभाषा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करते हैं।" मंचासीन श्री राजेश कुमार लायेक व अन्य अतिथियों ने भी अपनी शुभकामनाऍं व्यक्त कीं।
इसके पश्चात डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से “डीएसटीपीएस: राजभाषा हिंदी गतिविधियाँ" विषय पर संस्थान की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
कवि-गोष्ठी: प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि श्री पवन बांके बिहारी ने अपने सशक्त काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समग्र संचालन श्री इस्माईल मियाँ, हिंदी अधिकारी, डीएसटीपीएस, डीवीसी द्वारा किया गया।
पुरस्कार वितरण: इसके अंतर्गत हिंदी पखवाड़ा-2025(67 पुरस्कार), विश्व हिंदी दिवस-2026 (14 पुरस्कार), अधिकतम श्रुतलेखन तथा हिंदी में मूल टिप्पण-आलेखन हेतु क्रम से पाँच हजार, दो हजार व तीन हजार का प्रथम, द्वितीय व तृतीय नकद पुरस्कार (12 अदद), राजभाषा नीति स्व-प्रोत्साहन (10 पुरस्कार) सहित विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं, प्रतिभागियों, निर्णायकों तथा आयोजन से जुड़े सहयोगियों को कुल 103 अदद राजभाषा प्रशस्ति-पत्र व उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान के विजेता सतरूपा मुखर्जी, प्रबंधक (सी व आई), आकाश दीप, कनिष्ठ अभियंता (यां.), जितेन्द्र कुमार रजक, प्रबंधक (सी व आई), सजल दे, कनि. अभियंता ग्रेड-।(यां.), सयानी भौमिक, प्रबंधक (यां.), राजेश कुमार, प्रबंधक (सी व आई), सुभाशीष दास, सहायक नियंत्रक (यां.), द्वितीय स्थान के विजेता सेख मो. यासीन, प्रबंधक (वि.), प्रवीण कुमार, सहायक प्रबंधक (यां.), प्रिया कुमारी रंजन, प्रबंधक (वित्त), पतरस हाँसदा, प्रबंधक (मा.सं.), बासुदेब चक्रबर्ती, सहायक ग्रेड-।, हरि शंकर कुमार हरि, सहायक नियंत्रक (यां.), तृतीय स्थान के विजेता रुनु सरकार, कनि. अभियंता ग्रेड-।(सी व आई), संजीब बराट, प्रबंधक (असैनिक), विवेक कुमार सिन्हा, वरिष्ठ प्रबंधक (वि), राजीव कुमार, प्रबंधक (यां.) और अरिंदम गराई, प्रबंधक (सी व आई) रहे।
बतौर निर्णायक महाप्रबंधक (अनु.) श्री सत्य रंजन पांडा, उप महाप्रबंधक (वि.) श्रीमती सौमिता रॉय, उप महाप्रबंधक (यां.) श्री विशाल अग्रवाल, उप महाप्रबंधक (यां.) श्री ऋषिकेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (सी. व आई.) श्री योगेश मिलन, प्रबंधक(रसा.) मो. नसीम जावेद, उप प्रबंधक (वित्त) श्री अतिश कुमार पंडा, व सहायक प्रबंधक श्रीमती अकांक्षा राज सम्मानित हुए।
राजभाषा चल बैजयंती शील्ड: वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु मानव संसाधन अनुभाग, दुइताविके को “राजभाषा चल बैजयंती शील्ड” (प्रथम पुरस्कार) तथा ईंधन प्रबंधन अनुभाग, दुइताविके को “राजभाषा चल बैजयंती शील्ड” (द्वितीय पुरस्कार) प्रदान किया गया। उक्त पुरस्कार क्रमशः मानव संसाधन अनुभाग के उप महाप्रबंधक श्री श्रीकांत गेडाला ने अपने कार्यालय सदस्यों के साथ तथा ईंधन प्रबंधन अनुभाग के उप महाप्रबंधक श्री मृणाल कान्ति मण्डल ने अपने कार्यालय सदस्यों सहित उप महाप्रबंधक श्री विशाल अग्रवाल के साथ ग्रहण किया। इस अवसर पर संबंधित अनुभागों के राजभाषा नोडल अधिकारियों—श्रीमती अकांक्षा राज, सहायक प्रबंधक एवं श्रीमती रीना यादव, प्रबंधक—को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन आयोजन समिति सदस्य श्री योगेश मिलन, वरिष्ठ प्रबंधक (सी एवं आई) द्वारा प्रस्तुत किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह की औपचारिक घोषणा की गई।
उपस्थिति एवं कार्यक्रम की सफलता: इस समारोह में परियोजना के उप महाप्रबंधक डॉ. किसान मंडल, श्रीमती संजुलता मोहंती, वरिष्ठ प्रबंधक श्री सुनिल गोराईं, श्री जयंत कुमार यादव, शरीतं कुमार विशोयी, श्री नवीन निश्चल, श्री दिलीप कुमार, मो. शमीम अहमद, श्री सुधीर कुमार सहित समस्त अनुभागाध्यक्षों/कार्यालय प्रधानों, राजभाषा नोडल अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं सुव्यवस्थित रहा तथा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में यह आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय सिद्ध हुआ।
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