डीवीसी डीएसटीपीएस में विश्व हिंदी दिवस 2025

डीवीसी डीएसटीपीएस में विश्व हिंदी दिवस 2025

‘हिंदी समावेशी भाषा है। इसका साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्यों में गिना जाता है।‘ - परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह

‘वैश्वीकरण के आधुनिक दौर में हिंदी स्वतः ही सहज भाव से प्रतिष्ठित और प्रतिष्ठापित हो रही है।‘- डॉ. नन्द किशोर पंडित, सहायक प्राध्यापक

अंडाल :  विश्व हिंदी दिवस-2025 के उपलक्ष्य में राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति, दामोदर घाटी निगम, इुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केन्द्र, अंडाल के तत्वावधान में परियोजना में राजभाषा प्रतियोगिता, राजभाषा संगोष्ठी व पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। 

हिंदी (राजभाषा) प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता : दिनांक 09.01.2025 को हिंदी (राजभाषा) प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन दिव्यज्योति भवन स्थित प्रशिक्षण कक्ष में किया गया। यह हिंदी व हिंदीतर भाषी वर्गों हेतु अलग-अलग मूल्यांकनार्थ आयोजित थी। प्रतियोगिता में डीवीसी, डीएसटीपीएस के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित हुए। 

विश्व हिंदी दिवस, राजभाषा संगोष्ठी व पुरस्कार वितरण समारोह : दिनांक 10. जनवरी, 2025 को विश्व हिंदी दिवस, राजभाषा संगोष्ठी व पुरस्कार वितरण समारोह- 2025 का भव्य आयोजन प्लांट स्थित दिव्यज्योति भवन के सम्मेलन कक्ष में किया गया। वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह, वरिष्ठ महाप्रबंधक सुधीर कुमार व्यास व श्री सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार तथा मुख्य अतिथि प्रवक्ता डॉ. नन्द किशोर पंडित, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, अयोध्या प्रसाद सिंह महाविद्यालय, बरौनी (बिहार) एवं नराकास, दुर्गापुर प्रतिनिधि मो. गफ्फार अहमद, कनि. प्रबंधक (एल व ए), दुर्गापुर इस्पात संयंत्र ने सद्भावना मंगलदीप प्रज्ज्वलित किया। परियोजना की ओर से अतिथि प्रवक्ताओं को उत्तरीय ओढ़ाकर व राजभाषा प्रशस्ति-फलक प्रदान कर पूरी गर्मजोशी के साथ सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से परियोजना प्रधान सहित वरिष्ठ महाप्रबंधकों एवं महाप्रबंधक महोदयों को भी विश्व हिंदी दिवास प्रशस्ति फलक प्रदान कर सम्मानित किया गया ।   

अभिव्यक्ति : सर्वप्रथम वरिष्ठ महाप्रबंधक सुधीर कुमार व्यास ने स्वागत भाषण दिया। परियोजना प्रधान ने श्री राम प्रवेश साह ने विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए अपने संबोधन में कहा कि हिंदी समावेशी भाषा है। हिंदी का साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्यों में गिना जाता है। तमाम बदलावों से गुजरा हिंदी का साहित्य आज सामाजिक तथा राजनीतिक अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त हथियार बनकर उभर चुका है तथा विश्व मंच पर हिंदी अपना एक स्थान बना चुकी है। आगे उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि हम सभी मिलजुलकर हिंदी के प्रयोग को बढाएँ और राजभाषा के क्षेत्र में डीएसटीपीएस को एक सम्मानित स्थान तक ले जाने में एक-दूसरे का सहयोग करें।  

राजभाषा संगोष्ठी : इस सत्र के दौरान ‘भारत की राजभाषा से विश्व भाषा की ओर हिंदी की यात्रा : एक विश्लेषण’ विषयांतर्गत विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया। मुख्य अतिथि प्रवक्ता डॉ. नन्द किशोर पंडित ने बताया कि वैश्वीकरण के आधुनिक दौर में हिंदी स्वतः ही सहज भाव से प्रतिष्ठित और प्रतिष्ठापित हो रही है। उदारीकरण और बाजारवाद के भूमंडलीकरण के दौर में विश्व में भारत सदृश कोई बाजार नहीं है। यहाँ तकरीबन 70-80 करोड़ लोग हिंदी बोलते और समझते हैं। उन्होंने विषय के प्रत्येक पहलू को बड़े रोचक ढंग से प्रकाशित किया। नराकास प्रतिनिधि मो. गफ्फार अहमद ने भी सत्र को संबोधित किया। हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने समारोह को संचालित किया। अंत में, महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार ने अतिथि प्रवक्ताओं के गौरवमय आगमन, उपस्थित मंडली व आयोजन समिति की सफल भूमिका के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह समाप्त हुआ।

पुरस्कार वितरण : 31.12.2024 को वरिष्ठ अधिकारियों हेतु ‘राजाभाषा के रूप में हिंदी की महत्ता’ विषय पर आयोजित हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता के हिंदीतर भाषी वर्ग में प्रथम - श्री अरिजीत मजुमदार, महाप्रबंधक (मां.सं./प्रशा./असै.), द्वितीय - श्रीमती संजुलता मोहन्ती, वरिष्ठ प्रबंधक (वि), तृतीय - श्री सुनिल गोराँइ, वरिष्ठ प्रबंधक (वि) तथा हिंदी भाषी वर्ग में प्रथम - श्री सुधीर कुमार व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एवं एम), द्वितीय - श्री जयंत कुमार यादव, वरिष्ठ प्रबंधक (वि.) और तृतीय - श्री पंकज कुमार सिंह, कार्यपालक (संरक्षा) को, 09.01.2025 को आयोजित हिंदी (राजभाषा) क्विज़ प्रतियोगिता के हिंदीतर भाषी वर्ग में प्रथम - श्रीमती सयानी भौमिक, प्रबंधक (वि), द्वितीय - श्री बासुदेब चक्रबर्ती, सहायक ग्रेड-।, तृतीय - सेख मो. यासीन, प्रबंधक (वि) तथा हिंदी भाषी वर्ग के विजेता प्रथम श्री आकाश दीप, कनिष्ठ अभियंता ग्रेड-।(यां) पीजी एवं श्री रणजीत कुमार, कनिष्ठ अभियंता ग्रेड-।(यां) पीजी, द्वितीय - मो. काशिफ रिज़वी, प्रबंधक (वि.), तृतीय - श्री पतरस हाँसदा, प्रबंधक (मां.सं.) व श्रीमती पूनम यादव, प्रबंधक (सी एवं आई) को ‘राजभाषा सम्मान प्रमाण-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।  उपस्थिति : समारोह में उप महाप्रबंधक श्री संदीप कर्मकार, श्री पुलाकेश चटर्जी, श्री देबकान्ति गुप्ता भाया, श्री विशाल अग्रवाल, श्री ऋषिकेश कुमार व सभी वरिष्ठ प्रबंधकों सहित अधिकाधिक संख्या में अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।


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