रक्तदान महादान डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पांडवेश्वर में मानवता की नई मिसाल

रक्तदान महादान डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पांडवेश्वर में मानवता की नई मिसाल

पांडवेश्वर (तारकेश्वर राय ): 'रक्त के बंधन में, मानवता का संकल्प' के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए, भारत केसरी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में पांडवेश्वर विधानसभा के अंतर्गत जेमुआ के कालीगंज गांव में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य में स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया।

​इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं रक्तदान करने वाले सभी वीरों का उत्साहवर्धन किया और इस आयोजन की सराहना की।डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा और जन-कल्याण के आदर्शों के लिए समर्पित रहा। उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए, इस शिविर में सम्मिलित प्रत्येक रक्तदाता ने यह सिद्ध किया कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में होनी चाहिए।विधायक जितेंद्र तिवारी ने इस मानवीय पहल के लिए आयोजकों, स्वयंसेवकों और विशेष रूप से रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "रक्तदान एक ऐसा दान है जो किसी की जीवन रक्षा करता है। आज के रक्तदाताओं ने मानवता के सबसे बड़े धर्म का पालन किया है। यह प्रयास समाज के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।यह रक्तदान शिविर केवल एक आयोजन मात्र नहीं था, बल्कि यह डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के विचारों को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम बना। स्थानीय लोगों का उत्साह और समाज के प्रति समर्पण यह स्पष्ट करता है कि जब भी मानवता की सेवा की बात आती है, तो नागरिक एक जुट होकर खड़े हो जाते हैं। इस सफल आयोजन ने न केवल रक्त के भंडार को समृद्ध किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सेवा भाव का एक नया संदेश भी प्रसारित किया है।


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