अंगदपुर हाई स्कूल में डिवीसी सीएसआर डीटीपीएस के तहत थैलेसीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन

अंगदपुर हाई स्कूल में डिवीसी सीएसआर डीटीपीएस के तहत थैलेसीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन

अंगदपुर, दुर्गापुर – पश्चिम बंगाल में थैलेसीमिया एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या है, और इसके वाहकों की समय पर पहचान ही थैलेसीमिया-ग्रस्त जन्मों को रोकने का एकमात्र प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से, डीवीसी टावर्स, कोलकाता में कार्यकारी निकाय की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत डीटीपीएस डीवीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के अंतर्गत 20 मार्च 2025 को अंगदपुर हाई स्कूल में थैलेसीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन डीटीपीएस अस्पताल के सहयोग से किया गया। किया गया। यह शिविर दुर्गापुर सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ थैलेसीमिया एंड एड्स (दुर्गापुर थैलेसीमिया सोसायटी), दुर्गापुर उप-मंडल स्वैच्छिक रक्तदाता फोरम, डीटीपीएस अस्पताल और आसनसोल जिला अस्पताल (टीसीयू) के सहयोग से आयोजित किया गया, पश्चिम बंगाल सरकार के थैलेसीमिया नियंत्रण इकाई (टीसीयू) कार्यक्रम के तहत सभी परीक्षण निःशुल्क प्रदान किए ताकि अधिक से अधिक छात्रों की जांच सुनिश्चित हो सके और जागरूकता फैलाई जा सके। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें डीजीएम (प्रशासन) श्री समीर कुमार साहा, डीजीएम (स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. दीपिका रॉय, डीएसपीएचए दुर्गापुर के श्री सुमन ब्रता दास, दुर्गापुर ब्लड डोनर्स फोरम के श्री अरविंदो माझी, दुर्गापुर थैलेसीमिया सोसायटी के श्री गोपी चरण बसु, आसनसोल जिला अस्पताल की श्रीमती चुमकी बनर्जी एवं उनकी टीम, और डीटीपीएस के मैनेजर सीएसआर मोहम्मद शमीम अहमद उपस्थित रहे। शिविर में लगभग 150 छात्र-छात्राओं की थैलेसीमिया जांच की गई, जिनमें से कई छात्रों को उनके जांच परिणामों की जानकारी दी गई और आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही, शिविर में एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया के लक्षण, कारण, रोकथाम और संभावित उपचार के बारे में जानकारी दी। विशेषज्ञों ने छात्रों को हेमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस टेस्ट की महत्ता समझाई, जो थैलेसीमिया वाहकों की पहचान के लिए आवश्यक है।डीवीसी डीटीपीएस के सीएसआर कार्यक्रम के तहत, यह पहल विद्यालयों में थैलेसीमिया जांच का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में, अन्य स्कूलों में भी थैलेसीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी को इस गंभीर रोग से बचाया जा सके। थैलेसीमिया जागरूकता और जांच अभियान न केवल रोगियों के जीवन को बचाने में सहायक है, बल्कि समाज में सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा को भी मजबूत करता है। डीवीसी डीटीपीएस इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा ताकि थैलेसीमिया मुक्त भविष्य की कल्पना को साकार किया जा सके।


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