दुर्गापुर में बाबा साहेब की जयंती पूरे उत्साह के साथ मनाई गई

दुर्गापुर: औद्योगिक नगरी दुर्गापुर में दलित सेना, पश्चिम बंगाल द्वारा आयोजित भारतीय संविधान के निर्माता, भारत रत्न और प्रख्यात बैरिस्टर, तापसीली राष्ट्र के उद्धारक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती दलित सेना पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर बी-जोन, विद्यासागर एवेन्यू कार्यालय में मनाई गई, इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार मे पंचायत और सहकारिता मंत्री प्रदीप मजूमदार राजनीतिक व्यक्तित्व तरूण रॉय के अलवा अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, कार्यक्रम का आयोजन दलित सेना, पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष रंजीत कुमार प्रसाद और दलित सेना, पश्चिम बंगाल के महासचिव संजय महली द्वारा किया गया था। इस अवसर पर प्रदीप मजूमदार और तरूण रॉय ने मंगलदीप प्रज्जलन कर बाबा साहब का चित्र पर पुष्प भेंट किया. इस मौके पर मंत्री प्रदीप मजूमदार ने अपने संस्मरणों में कहा है, ''बाबा साहब समाज के पिछड़े वर्ग के उद्धारक थे, जब वे छोटे थे तो समाज ने उन्हें स्कूल में दाखिला लेने की अनुमति नहीं दी, लेकिन उन्होंने अपने प्रयासों से शिक्षा प्राप्त की और विदेश जाकर छात्रवृत्ति प्राप्त की और दलितों को उच्च शिक्षा में शिक्षित किया.उन्होंने कहा, ''बाबा साहब समाज के पिछड़े वर्ग के उद्धारक थे, जब वे छोटे थे तो समाज ने उन्हें स्कूल में दाखिला नहीं लेने दिया, लेकिन उन्होंने अपने प्रयासों से शिक्षा प्राप्त की, विदेश जाकर छात्रवृत्ति प्राप्त की और उच्च शिक्षा प्राप्त की।तो वही तरूण राय ने बाबा साहेब की स्मृति में कहा, ''भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर एक महान व्यक्तित्व और हमारा गौरव हैं, जिसकी सीमा आम आदमी की कल्पना से परे है। आज हम उनके बनाए संविधान का पालन करते हैं, जिस संविधान ने हमें स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार दिया, आज उसी बाबा साहेब का अमर पुण्य है, उनके द्वारा बनाए गए संविधान को विकृत करने के वर्तमान केंद्र सरकार के प्रयासों का हमें पूरे दिल से विरोध करना चाहिए, आज बाबा साहेब के मेधावी जन्मदिन पर आपको संविधान की रक्षा करने की शपथ लेनी है और बाबासाहेब द्वारा आदर्श बनें"।

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