एनआईटी दुर्गापुर में हिंदी और तकनीक पर व्याख्यान

दुर्गापुर:राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), दुर्गापुर के डी.एम. सेन हॉल में मंगलवार को “राजभाषा हिंदी के संवर्धन में तकनीक का योगदान” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने पूरे आयोजन को एक गरिमामय और सांस्कृतिक स्वर प्रदान किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने अपने उद्घाटन भाषण में शैक्षणिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में भारतीय भाषाओं के संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का यह दायित्व है कि वे वैश्विक मानकों को बनाए रखते हुए भाषाई समावेशन को प्रोत्साहित करें। वहीं, रजिस्ट्रार श्री संजय कुमार ने भी अपने संबोधन में प्रशासनिक एवं संस्थागत स्तर पर हिंदी के उपयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. बिपिन कुमार ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की भाषाई विविधता के बीच हिंदी की एक साझा संप्रेषण भाषा के रूप में बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी क्षेत्रीय और भाषाई विभाजनों को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेषकर प्रशासनिक, शैक्षणिक और दैनिक संचार के संदर्भ में।
तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. कुमार ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भाषा-प्रसंस्करण उपकरणों ने हिंदी के प्रसार को व्यापक बनाया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तकनीकी प्रगति न केवल हिंदी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इसकी स्थिति को भी सुदृढ़ कर रही है।
इस कार्यक्रम में संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे और व्याख्यान के पश्चात आयोजित संवाद सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान भाषा नीति, डिजिटल समावेशन तथा समकालीन भारत में हिंदी की बदलती भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

अंत में रजिस्ट्रार श्री संजय कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन भाषा और तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में स्थापित हुआ।यह कार्यक्रम राजभाषा समिति के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका समन्वय राजभाषा समिति के संयोजक डॉ. श्री कृष्ण राय ने किया ।
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