दुर्गापुर इस्पात कर्मचारी संघ ने श्रद्धा और उल्लास से मनाई विश्वकर्मा पूजा

दुर्गापुर इस्पात कर्मचारी संघ ने श्रद्धा और उल्लास से मनाई विश्वकर्मा पूजा

सिटी न्यूज़ (तारकेश्वर राय ):औद्योगिक नगरी दुर्गापुर आज श्रम, शिल्प और सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा की भक्ति में लीन रही। भारतीय मज़दूर संघ (BMS) से संबद्ध दुर्गापुर इस्पात कर्मचारी संघ के 29 नंबर विद्यासागर स्थित कार्यालय में विश्वकर्मा पूजा बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाई गई।पूरे परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया था। सुबह से ही ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। संघ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और इस्पात कर्मियों ने एक साथ मिलकर सुख, समृद्धि, शांति और दुर्गापुर के औद्योगिक क्षेत्र की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में संघ के सदस्य और कर्मचारी परिवार सहित उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के महामंत्री ऋषिकेश सिंह ने कहा, "भगवान विश्वकर्मा केवल एक देवता नहीं, बल्कि निर्माण, शिल्प और तकनीकी कौशल के प्रतीक हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पसीना बहाने वाले हर श्रमिक के लिए विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है। यह पर्व हमें हमारे कार्य के प्रति समर्पण, ईमानदारी और तकनीकी दक्षता की प्रेरणा देता है।उन्होंने इस मंच से भारत सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी कि विश्वकर्मा जयंती को 'राष्ट्रीय श्रम दिवस' के रूप में घोषित किया जाए, ताकि देश के करोड़ों श्रमिकों के सम्मान में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा सके।इस अवसर पर संघ के सहायक सचिव जयश्री कुमार एवं मुकुल मंडल ने सभी श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकारों और कल्याण के लिए एकजुट होकर निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।संघ के सभापति समीर सिंह रॉय ने पूजा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूजा कमेटी के सभी सदस्यों - जयश्री कुमार, मुकुल मंडल, रवि साव, मनीष शर्मा, संजय कुमार, अरुण पुरिया, कार्तिक मंडल, तरुण पाल सहित सभी कार्यकर्ताओं की भूरि-भूरि सराहना की।पूजा के उपरांत सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।देर शाम तक पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। सभी ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले हर हाथ का आभार व्यक्त किया।


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