डीवीसी डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 17वीं बैठक संपन्न

डीवीसी डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 17वीं बैठक संपन्न

“तकनीक के साथ राजभाषा का समन्वय न केवल कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि प्रशासनिक संवाद को भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनाता है।” — मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन

अंडाल : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र (डीएसटीपीएस), अंडाल में आधिकारिक कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रसार और सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से 'राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति' की 17वीं त्रैमासिक बैठक 25 सितंबर, 2026 को दिव्यज्योति भवन के सम्मेलन कक्ष (चतुर्थ तल) में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ प्रबंधक श्री योगेश मिलन द्वारा उपस्थित सदस्यों के औपचारिक स्वागत से हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष महोदय की अनुमति से निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बिंदुवार समीक्षा प्रारंभ हुई जिसे हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने संचालित किया। पिछली (16वीं) बैठक के कार्यवृत्त की संपुष्टि की गई। राजभाषा तिमाही प्रगति रिपोर्ट (अप्रैल–जून, 2026) पर चर्चा।नराकास, दुर्गापुर की वर्ष 2026 की प्रथम छमाही बैठक (दिनांक 31.07.2026) के कार्यवृत्त के प्रत्येक बिंदु पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की गई तथा परियोजना प्रधान ने उन्हें कार्यान्वित करने का निदेश दिया। बैठक को संबोधित करते हुए परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने कहा, “डिजिटल युग में राजभाषा का प्रयोग किसी औपचारिकता तक सीमित न रहकर कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। तकनीक के साथ राजभाषा का समन्वय न केवल कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि प्रशासनिक संवाद को भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनाता है।” उन्होंने विशेष निर्देश एवं सुझाव देते हुए कहा कि हिंदी को विकास के धरातल पर उतारने के लिए अनूदित मसौदों का नियमित पठन करें, विषय की समझ बढ़ाएं और उसे दैनिक शासकीय कार्यों में व्यावहारिक रूप से लागू करें। ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली में अनुवाद टूल/सॉफ्टवेयर को सक्रिय किया जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पत्राचार व फाइलों पर हस्ताक्षर हिंदी में करने का प्रयास करें तथा अपने आधिकारिक ई-मेल में हिंदी और अंग्रेजी का 'ऑटो सिग्नेचर' (Auto Signature) सेट करें। शेष बचे सभी कार्यालयों/अनुभागों और अधिकारियों/कर्मचारियों के नामपट्ट (Name Plates) त्रिभाषी क्रम में—प्रथम बांग्ला, द्वितीय हिंदी एवं तृतीय अंग्रेजी—में तैयार कराए जाएं। इस कार्य का उत्तरदायित्व संबंधित अनुभागों के राजभाषा नोडल अधिकारियों को सौंपा गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री सुकदेव खाँ ने एमआईएस (MIS) एवं त्रैमासिक प्रगति रिपोर्टों की समयबद्ध प्रस्तुति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने सभी राजभाषा नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजभाषा से जुड़े कार्यक्रमों और बैठकों में अपनी सक्रिय एवं अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आईटी सेल और राजभाषा अनुभाग को यह भी निर्देश दिया कि कार्यप्रणाली को सुगम बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा अनुमोदित आधिकारिक अनुवाद सॉफ्टवेयर को परियोजना के सभी कंप्यूटरों में तत्काल संस्थापित (इंस्टॉल) कराया जाए। हिंदी पखवाड़ा-2026 (01-21/09/2026) की समीक्षा: की गई। इसके अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी, वाटर पैकेजेस, सिविल , संविदा व सामग्री, ईंधन प्रबंधन, भंडार, वित्त, मानव संसाधन, लेखा, अनुरक्षण योजना प्रकोष्ठ, रासायनिक प्रयोगशाला, वैद्युत बायलर व कोलमील, सीएचपी, एएचपी, परिचालन, आदि विभिन्न अनुभागों में हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों एवं गतिविधियों की हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ. एवं एम.) श्री सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक श्री सत्य रंजन पांडा व श्रीमती अरुंधती मुखर्जी, उप महाप्रबंधक श्री ऋषिकेश कुमार, श्री पुलकेश चट्टोपाध्याय, श्री बबलु घोष, श्री मलय पात्र, श्री मृणाल कांति मंडल, वरिष्ठ प्रबंधक श्री पार्थ मुखोपाध्याय, श्री सुनील गोराँई, श्री जयंत कुमार यादव, श्री विवेक कुमार सिन्हा, श्री दिलीप कुमार, श्री रवींद्र कुमार रवि, श्री नवीन निश्चल, श्री श्रीतम कुमार बिशोयी, श्री सौकत सरकार, श्रीमती विनीता सरकार, श्री मोहन जगनानी, श्री सुधीर कुमार सहित विभिन्न अनुभागों के राजभाषा नोडल अधिकारीगण एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारीवृंद उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में उप महाप्रबंधक (मा.सं.) श्री श्रीकांत गेडेला द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात समिति अध्यक्ष महोदय के निर्देशानुसार बैठक की कार्यवाही समाप्त घोषित की गई।


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