बाँकुड़ा पुलिस बनी मानवता की मिसाल


बाँकुड़ा(तारकेश्वर राय):जब वर्दी में इंसानियत झलकती है, तो पुलिस सिर्फ सुरक्षा नहीं, भरोसा भी बन जाती है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है बाँकुड़ा जिला पुलिस ने।बाँकुड़ा जिला पुलिस की "सम्प्रीति के बंधन" जैसी मानवीय पहल के तहत बरिकुल थाना क्षेत्र के सुदूर गाँव बागडुबी के 145 ग्रामीणों के लिए दुर्गा पूजा को यादगार बना दिया गया।इस अनोखी पहल में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल थे। कई ऐसे बुजुर्ग थे जिन्होंने वर्षों से शहर की दुर्गा पूजा नहीं देखी थी, तो कई बच्चे ऐसे थे जो पहली बार इतनी बड़ी और भव्य पूजा देखकर उत्साह से भर उठे। जिला पुलिस ने दो बसों की विशेष व्यवस्था कर सभी ग्रामीणों को बाँकुड़ा शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का भ्रमण कराया।ढाक की थाप, माँ दुर्गा के दर्शन और रोशनी से जगमगाते पंडालों को देखकर बच्चों की आँखों में जो खुशी थी और बुजुर्गों के चेहरे पर जो संतोष था, वह अवर्णनीय था। पुलिस ने सिर्फ मंडप दर्शन ही नहीं कराया, बल्कि सभी को शारदीय उत्सव के आनंद में पूरी तरह से शामिल किया।बाँकुड़ा जिला पुलिस का यह कदम बताता है कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना भी है।बाँकुड़ा जिला पुलिस की यह पहल केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि मानवता, ममता और सम्प्रीति का वह बंधन है जो पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करता है। इस नेक और सराहनीय कार्य के लिए बाँकुड़ा जिला पुलिस निश्चित रूप से धन्यवाद की पात्र है। यह पहल पूरे राज्य की पुलिस के लिए एक प्रेरणा है।

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