श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं भागवत कथा का शंखनाद

श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं भागवत कथा का शंखनाद

 बक्सर न्यूज़ :अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन भूमि बक्सर जिले के हरनाथपुर पंचायत स्थित जवाही जगदीशपुर गांव में आज से आठ दिवसीय 'श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा' का भव्य और दिव्य शुभारंभ हो गया। अनुष्ठान के प्रथम दिन आयोजित की गई कलश यात्रा में भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का एक ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को ऊर्जस्वित कर दिया।महायज्ञ के संकल्प के साथ आयोजित इस भव्य कलश यात्रा में भारी संख्या में कन्याओं और मातृशक्ति ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सिर पर मंगल कलश धारण किए जब कन्याओं का कारवां वैदिक मंत्रोच्चार और गाजे-बाजे के साथ कथा स्थल की ओर बढ़ा, तो मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे देवलोक स्वयं धरती पर उतर आया हो। पूरा वातावरण 'जय श्री कृष्ण' और 'लक्ष्मी नारायण भगवान की जय' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। हर आंख श्रद्धा से नम थी और हर दिल भक्ति के रस में सराबोर था।हरनाथपुर पंचायत एवं क्षेत्र वासियों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस आठ दिवसीय महापर्व में देश के सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री श्री 1008 गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे।

महाराज जी के आगमन को लेकर पूरे बक्सर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और व्याकुलता देखी जा रही है। आयोजन समिति का मानना है कि स्वामी जी के दिव्य प्रवचनों से लोगों को जीवन की सही दिशा और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होगी।जवाही जगदीशपुर की यह पावन धरा सदियों से धर्म और लोक-कल्याण के अनुष्ठानों की साक्षी रही है। समय-समय पर होने वाले ये धार्मिक आयोजन न केवल समाज में आपसी सौहार्द और समरसता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि क्षेत्र में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। आज की इस आलौकिक कलश यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है। अगले आठ दिनों तक चलने वाला यह महायज्ञ निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करेगा।


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