अंडाल हिंदू हिंदी विद्यालय का वार्षिक उत्सव मनाया गया

अंडाल (अमन राय):जीवन को सफल बनाने के लिए पाठशाला एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। हम विद्यालय से ज्ञान अर्जन करते है। पाठशाला ज्ञान का मंदिर है। यहाँ सभी बच्चो के अभिभावक उन्हें पढ़ने के लिए भेजते है। विद्यालय में बच्चो का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। वहां शिक्षक उन्हें जीवन के आगे के संघर्षो के लिए तैयार करते है। विद्यालय में विद्यार्थी मित्र बनाना सीखते है। विद्यार्थी सीखते है कि सभी के साथ घुल मिलकर कैसे रहना है। विद्यालय में अनुशासन के मार्ग पर चलना सीखते है। बिना अनुशासन के जीवन कठिनाईयों भरा होता है। शिष्टाचार,सच्चाई का साथ देना ऐसे कई गुण बच्चो को विद्यालय से प्राप्त होते है। अगर विद्यालय ना होता ,तो शिक्षा ना होती और हम एक शिक्षित और सभ्य नागरिक नहीं बन पाते । इसी भावना को ध्यान में रखते हुए वर्षों पहले बना अंडाल हिंदू हिंदी निशुल्क विद्यालय का निर्माण किया गया था. विद्यालय में हर साल वार्षिक कार्यक्रम के तहत गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है. इसी क्रम में इस साल भी विद्यालय की ओर से वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विश्वनाथ जोआरदार डीजीएम एचआर डीवीसी अंडाल, इसके अलावा एमडी शमीम अहमद सीएसआर डीवीसी अंडाल, शिक्षक विश्वनाथ भादुरी, निखिल कुंडू, समाजसेवी अजय कुमार चौबे, जयशंकर सिंह, के अलावा स्कूल के शिक्षक एवं अभिभावक आदि उपस्थित थे. स्कूल के शिक्षकों द्वारा अतिथियों को फूल का बुके देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर स्कूल के प्रभारी रंजीत साव ने स्कूल के संचालन एवं शिक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताइए. कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने स्कूल के संचालन एवं बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा की. इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं बच्चों ने कविता पाठ की. कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक सुर में राष्ट्रीयज्ञान किया .
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