आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहेऑपरेशन अमानत को मिल रही लगातार सफलता
आसनसोल (अमन राय) : आसनसोल डिवीजन के आरपीएफ द्वारा ट्रेनों में लोगों की सुरक्षा के साथ साथ ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों द्वारा जल्दी बाजी में उनके सामान छूट जाने के क्रम में आरपीएफ द्वारा असली मालिक की पहचान कर उनके उनकी वस्तुएं सौंपी जा रही है. ताजा मामला सामने आया है यूपी मेमू एक्सप्रेस पास करने के बाद बीआरआर पीएफ से, ड्यूटी पर एचसी / एल.एन. दास को दो मोबाइल हैंडसेट मिले। मोबाइल पीएच.डी. ( विवो) पीएफ में सिटिंग बेंच पर पढ़े थे। बाद में वह उसे एक फोन में कॉल आया। और कॉल करने वाले को बीआरआर/आरपीएफ/पोस्ट पर आने की सूचना दी। कुछ देर बाद एक व्यक्ति अपने दोस्त के साथ मोबाइल वापस लेने आया और अपना नाम कनई बनर्जी बताया प्रधान खंता, धनबाद। उन्होंने व्यक्त किया कि दोनों पीएच.डी. उनमें से थे, वह बीआरआर में बैठे थे और बीआरआर में मेमू को पकड़ने की जल्दी में बेफिक्र होकर उन्हें वहीं बेंच पर छोड़ दिया। अपने दोस्त के फोन से कॉल कनेक्ट कर सूचना पाकर वह केएमएमई पर उतर गया और सड़क मार्ग से आ गया।उचित सत्यापन के बाद दोनों मोबाइल उन्हें डीओ, एएसआई/एस.के. तिवारी द्वारा सौंपे गए। उन्होंने इसके लिए आरपीएफ का आभार व्यक्त किया। बरामद मोबाइल की कुल कीमत पचीस हजार रुपये बताए जा रहे है।
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