केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल दुर्गापुर में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन


दुर्गापुर(अमन राय) : भारत के प्रथम गृहमत्री लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म दिवस राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर ‘‘रन फॉर यूनिटी‘‘ , एकता परेड का आयोजन किया गया। दिवस पर ग्रुप केन्द्र के अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस उप महानिरीक्षक श्री देवव्रत भट्टाचार्य द्वारा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संदर्भ में एक शपथ भी दिलवाई गई । इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक श्री भट्टाचार्य द्वारा कहा गया कि आज ही के दिन 31 अक्तूबर 1875 को गुजरात के एक छोटे से गॉव नादियाद में लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म हुआ था। हिन्दुस्तान को आजादी मिलने के बाद सरदार पटेल की पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है सरदार पटेल के जन्म दिवस को प्रत्येक वर्ष पूरे भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सरदार पटेल भारतमाता के उन वीर सपूतों में से एक थे, जिनमें देश -सेवा और राष्ट्र प्रेम की भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी। अपने दृढ विष्वास, आत्म-बल , संकल्प शक्ति , निष्ठा, अटल निर्णय शक्ति, साहस एवं कार्य के प्रति लगन के कारण वे ही वे लौह पुरूष कहलाए । सादा जीवन उच्च विचार, स्वाभिमान देश के प्रति अनुराग उनके व्यक्तित्व के आधार स्तंभ थे। जव भारत स्वतंत्र हुआ तो देश में 562 छोटी-बड़ी रियासतें थी, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने भारत या पाकिस्तान में सम्मिलित होने या स्वतंत्र रहने का विकल्प दिया। कष्मीर, जूनागढ़, निजामाबाद आदि कई रियासतों ने स्वतंत्र रहने का निर्णय आरंभ में किया। सरदार पटेल ने बड़ी सूझ-बूझ और साहस से उनके राजाओं से बातचीत की और उन्हें अपनी शर्तों पर भारत में विलय करने को तैयार कर लिया। उनकी यह नीति इतनी सफल रही कि जब तक नया संविधान लागू हुआ, सभी रियासतें भारत में विलीन हो चुकी थी। रियासतों को विलय कराने में एवं भारतीय संघ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। किसी भी राष्ट्र का विकास, शांति , समृद्धि, एकता और अखंडता के बल पर ही संभव है। हमारा देश मुगलों तथा अंग्रेजी हुकूमत के अधीन हाने का सर्वप्रथम कारण आपसी एकता में कमी ही था, जिसके कारण हमारा देश सैकड़ों वर्षो तक गुलाम रहा। केरिपुबल दे श की आंतरिक सुरक्षा में तैनात है, चाहे वह कष्मीर का उग्रवाद हो या उत्तर-पूर्व में अलगाववाद या नक्सल प्रभावित राज्य, हमारे वीर जवान दिन-रात अपनी डयूटियों को समर्पण के साथ निर्वहन कर रहे हैं। इसलिए आज हम सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन के ष्षुभ अवसर पर अपने को पुनः सक्रिय होकर एकता व अखंडता को बनाये रखने के लिए स्वयं को तन-मन से पुनः सर्मपित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर एक शपथ लेंगें। मैं शपथ को पढुंगा तथा आप सभी लोग मेरे साथ-साथ दोहरायेंगें। शपथ का सार इस प्रकार से हैः- “मै सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता,अखंडता ओैर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा । मैं यह षपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हॅू जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यो द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लेता हू।‘‘ कार्यक्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक(चिकित्सा) डा0 गयासुद्दीन , कमाण्डेंट श्री संजय शर्मा सहित ग्रुप केन्द्र दुर्गापुर,रेंज दुर्गापुर एवं 169 बटालियन के सभी अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे। आयोजित परेड की कमाण्ड श्री पवन पंडित ,निरीक्षक द्वारा की जा रही थी , जिन्हें कई परेड को कमाण्ड करने एवं उसमें शील्ड लेने का गौरव प्राप्त है।

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