खाकी का मानवीय चेहरा

खाकी का मानवीय चेहरा

बाकूड़ा :पश्चिम बंगाल के उच्च माध्यमिक (HSC) परीक्षा के दौरान आज एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने पुलिस के प्रति आम जनता का भरोसा और बढ़ा दिया है। भूलानपुर हाई स्कूल की छात्रा उमा डांगर के लिए आज का दिन भारी पड़ सकता था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनका साल बचा लिया।बाकूड़ा की उमा डांगर आज अपनी उच्च माध्यमिक परीक्षा देने के लिए रतनपुर के छोटा कुरपा हाई स्कूल पहुंची थीं। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें अचानक अहसास हुआ कि हड़बड़ाहट में वह अपना एडमिट कार्ड घर पर ही भूल गई हैं। एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा में बैठना असंभव था और समय तेजी से निकल रहा था।छात्रा की परेशानी देखते ही वहां मौजूद पुनिसोल चौकी की मोबाइल वैन तुरंत सक्रिय हो गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उमा को अपनी गाड़ी में बिठाया।छात्रा का घर परीक्षा केंद्र से लगभग 18-20 किलोमीटर दूर था।पुलिस वैन ने तेज रफ्तार से दूरी तय की, उमा के घर से एडमिट कार्ड लिया और वापस परीक्षा केंद्र पहुंची।पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की बदौलत उमा ठीक समय पर परीक्षा केंद्र वापस पहुंच सकीं और बिना किसी बाधा के परीक्षा में शामिल हुईं। उमा और उनके परिवार ने पुलिस के इस मानवीय रुख की सराहना करते हुए उन्हें दिल से धन्यवाद दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आज पुलिस ने यह पहल न की होती, तो छात्रा का पूरा साल बर्बाद हो सकता था।


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