डीएसटीपीएस डीवीसी में दो दिवसीय राजभाषा कार्यशालाओं का आयोजन

डीएसटीपीएस डीवीसी में दो दिवसीय राजभाषा कार्यशालाओं का आयोजन

अंडाल  : दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र (डीएसटीपीएस), अंडाल में 30 मार्च, 2026 को 28 (अट्ठाईस) कर्मचारियों तथा 31 मार्च, 2026 को 28 (अट्ठाईस) अधिकारियों हेतु दो पूर्ण-दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति के तत्वावधान में दिव्यज्योति भवन स्थित प्रशिक्षण हॉल में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एंड एम) श्री सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री एस. आर. पंडा, महाप्रबंधक (एएमएस) श्री राजेश कुमार लायेक तथा उप महाप्रबंधक श्रीकांत गेडेला द्वारा मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

उद्घाटन सत्र के दौरान अपने संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने कार्यशाला की सफलता की कामना करते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी हमारी पहचान मात्र नहीं, बल्कि शासन और जनमानस के मध्य विश्वास, संवाद और सहभागिता का एक सशक्त एवं जीवंत सेतु है। यह कार्यशाला उस सेतु को और अधिक सुदृढ़, सार्थक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह कार्यक्रम कार्य निष्पादन के दौरान हिंदी के प्रयोग में आने वाली झिझक एवं कठिनाइयों को दूर करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग हेतु प्रतिबद्ध रहें तथा डीएसटीपीएस में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय योगदान दें। स्वागत करते हुए हिंदी अधिकारी इस्माईल मियाॅं ने कार्यक्रम को संचालित किया। धन्यवाद ज्ञापन उप महाप्रबंधक (मा.सं.) श्री श्रीकांत गेडेला ने दिया। 

कार्यशाला के प्रथम दिवस पर हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने ‘हिंदी में नोटिंग एवं ड्राफ्टिंग की सरल शैली’ विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला तथा विषय से संबंधित व्यावहारिक अभ्यास कराया। द्वितीय दिवस पर आमंत्रित संकाय सदस्य श्री सुबोध कुमार पांडेय, हिंदी शिक्षक, सेंट माइकेल स्कूल, बिधान नगर, दुर्गापुर ने ‘कार्यालयी कार्यों में हिंदी का प्रयोग : चुनौतियाँ और समाधान’ विषय पर गहन चर्चा की एवं अभ्यास सत्र संचालित किया। इस अवसर पर संत जेवियर्स स्कूल के हिंदी शिक्षक श्री वीरेंद्र प्रसाद भी विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। दोनों कार्यशालाएँ दो-दो सत्रों में संपन्न हुईं।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों को राजभाषा प्रमाण-पत्र एवं विभागीय संकलित पुस्तिका “राजभाषा प्रबोधिनी – हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ” वितरित की गई। इन कार्यशालाओं में डीएसटीपीएस के विभिन्न अनुभागों से चयनित कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने तन्मयतापूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण किया तथा कार्यशाला को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।


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