कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भ भागवत कथा का शुभारम्भ भक्तो में दिखा उत्साह


दुर्गापुर: शहर स्थित श्री श्री पंचमुखी बालाजी धाम के द्वादश वार्षिकोत्सव के मद्देनजर आयोजित श्रीमद्भ भागवत कथा का शुभारम्भ कलश यात्रा के साथ हुआ.इस दिन करांगो पाड़ा शिव मंदिर से धूमधाम के साथ गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा में 801 महिलाये पारम्परिक परिधान में शामिल हुई.करांगो पाड़ा से निकल कर विभिन्न इलाके की परिक्रमा कर कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई इस मौके पर श्रीधाम अयोध्याजी से पधारी कथा व्यास देवी अनुराधा सरस्वती जी मुख्य रूप से उपस्थित रही.कथा व्यास देवी अनुराधा सरस्वती जी ने सभी भक्तों को बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है,वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियां को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है,जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। कथा व्यास ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्ष नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्यु का हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था।इस दिन आयोजन कर्ताओ की ओर से अशोक अग्रवाल,राकेश भट्टड ,प्रीतम सुकला,सत्य नारायण मोर्य,राजीव गुप्ता,विश्वजीत कुमार, रघु घोष सहित अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे.कार्यक्रम को लेकर भक्तो में काफी उत्साह दिखा गया |
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