भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है अनुराधा सरस्वती जी
दुर्गापुर : श्री श्री पंचमुखी बालाजी धाम के द्वादश वार्षिकोत्सव के मद्देनजर आयोजित श्रीमद्भ भागवत कथा के दुसरे दिन श्रीधाम अयोध्याजी से पधारी कथा व्यास देवी अनुराधा सरस्वती जी ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलयुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षय पात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है।कथा के दुसरे दिन भक्तो की काफी भीड़ रही. इस मौके पर अशोक अग्रवाल,अनिल सिंह,राकेश भट्टड,सोनू शुक्ला,सीपी ठाकुर,सत्यम तिवारी,विक्की गुप्ता,सुदीप मिश्र,ओपी सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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