दुर्गापुर में भाजपा प्रत्याशी का घेराव
दुर्गापुर न्यूज़ :पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक पारा आसमान छूने लगा है। तपती गर्मी और लू के थपेड़ों की परवाह किए बिना प्रत्याशी पसीने से तर-बतर होकर जनसंपर्क में जुटे हैं। लेकिन दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में जो हुआ, उसने चुनावी माहौल में कड़वाहट और तनाव को और बढ़ा दिया है।दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार चंद्रशेखर बनर्जी सुबह अपने समर्थकों के साथ कांकसा के मलानदिघी इलाके में घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे थे। सुबह तक सब कुछ शांतिपूर्ण था, लेकिन जैसे ही काफिला विष्णुपुर गांव के हरिमंदिर के पास पहुंचा, अचानक फिजा बदल गई।
वहां पहले से मौजूद सत्ताधारी दल (तृणमूल कांग्रेस) के कार्यकर्ता और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गई।आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रत्याशी को चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और आरोप-प्रत्यारोप से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के बीच इस अप्रत्याशित हंगामे से दहशत का माहौल बन गया।हालात बिगड़ते देख मलानदिघी पुलिस चौकी को सूचना दी गई। भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और भाजपा प्रत्याशी को सुरक्षित घेरे से बाहर निकाला। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इलाके में सुलगता हुआ तनाव साफ महसूस किया जा सकता है।दुर्गापुर की यह घटना स्पष्ट करती है कि इस बार का चुनाव केवल मुद्दों पर नहीं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आएगी, सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनावी हिंसा और आपसी झड़पों को रोकना एक बड़ी चुनौती होगी। क्या विकास के दावों के बीच यह 'टकराव की राजनीति' मतदाताओं के फैसले को प्रभावित करेगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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