बीरभूम में हरित क्रांति का आगाज़


बीरभूम: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज बीरभूम जिले में प्रकृति के प्रति समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत बीरभूम जिला प्रशासन की सक्रिय पहल पर जिले भर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का महाभियान चलाया गया, जिसने पूरे जिले को हरियाली के एक नए सूत्र में पिरो दिया।इस कार्यक्रम की सबसे आकर्षक और प्रेरणादायी बात यह रही कि जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर अपने हाथों से पौधे रोपे। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मिट्टी के साथ जुड़कर किए गए इस पौधारोपण ने न केवल सरकारी मशीनरी को आम जनता के करीब लाकर खड़ा कर दिया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल नीति बनाने का विषय नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत दायित्व भी है।यह भव्य वृक्षारोपण अभियान पश्चिम बंगाल सरकार की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को प्रतिबिंबित करता है। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलते हैं। सरकार की नीतियां केवल कंक्रीट के ढांचे खड़ा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक 'ऑक्सीजन युक्त' सुरक्षित भविष्य का निर्माण करने के लिए भी कटिबद्ध हैं।माननीय प्रधानमंत्री की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ की अवधारणा को बीरभूम के प्रशासनिक अमले ने पूरी निष्ठा से अपनाया, जिससे जिले के हर नागरिक में पर्यावरण सुरक्षा की अलख जगी है।
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