ईसीएल के निदेशक तकनीकी संचालन ने किया चिनाकुड़ी माइन्स का अवलोकन

ईसीएल के निदेशक तकनीकी संचालन ने किया चिनाकुड़ी माइन्स का अवलोकन

साकतोड़िया(अमन राय) : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के निदेशक (तकनीकी) संचालन श्री नीलाद्री रॉय सोदुपर क्षेत्र में अवस्थित एशिया की सबसे गहरी भूमिगत खानों में से एक चिनाकुड़ी माइन्स न. 1 जो की 700 मीटर तक गहरी है, में भारत सरकार की नूतन परिकल्पना अर्थात राजस्व साझा आधारित एमडीओ मोड के लिए प्रारंभिक कार्य के तहत सुरक्षात्मक रूपरेखा तैयार करने के निहितार्थ निरीक्षणात्मक अवलोकन के लिए पहुँचे। चिनाकुड़ी माइन्स में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के भंडार मौजूद है जो काफी दिनों से समुन्नत तकनीक की अनुपलब्धता के कारण अनिरंतरित रही एवं वैश्विक निविदा के माध्यम से इसे चालू करने के लिए कई प्रयास किए गए।

राजस्व साझा आधारित एमडीओ मोड के माध्यम से चिनाकुड़ी माइन्स सं. 1 में विद्यमान उच्च गुणवत्ता युक्त कोयले के निष्कासन में सफलता प्राप्ति तथा तकनीकी उन्नयन एवं सुरक्षा के सहारे कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार का सद्प्रयास किया जा रहा है।

श्री रॉय द्वारा सोदपुर क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं संबन्धित अधिकारियों के साथ-साथ सफल बिडर के प्रतिनिधियों के साथ माइन्स के विविध परित्यक्त गैलरियों, पम्पिंग हाउस एवं अन्य संबद्ध स्थलों का निरीक्षण किया गया और उन्होंने खान में एमडीओ मोड की प्रारंभिक गतिविधियाँ की सुरक्षात्मक रूपरेखा तैयार करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए ताकि ईसीएल के समस्त हितधारकों के लाभ के लिए यथाशीध्र कोयला उत्पादन किया जा सके। खान निरीक्षण के उपरांत श्री रॉय की अध्यक्षता में एमडीओ मोड के सफल बिडर के प्रतिनिधि के साथ क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं अधिकारियों संग पुनर्विलोकन बैठक आयोजित की गई जिसमें उत्पादन, उत्पादकता, सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।


Click Here to Visit

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0