एक सिविक वालंटियर्स की दरियादिली
पूर्व बर्दवान ( टी. राय): दुर्गापूजा के दौरान जहां लोग अपने सगे संबंधी दोस्तों के संग विभिन्न पंडालों में जाकर पंडाल एम प्रतिमा दर्शन कर रहे हैं. उसके बाद होटल, रेस्टोरेंट में खाना खाकर वापस अपने परिवार के संग घर आते हैं. लेकिन इसी समाज में कुछ ऐसे भी व्यक्ति हैं जिनका मानवीय रूप आम लोगों के लिए एक नजीर पेश करता है. ऐसे ही एक युवा जो गलसो थाने में अभिजीत घोष सिविक वालंटियर्स के तहत कार्यरत है. वह हर रोज अपनी ड्यूटी पूरी कर घर वापस जाने के क्रम में एक असहाय व्यक्ति को खाना खिला कर घर वापस जाते हैं. यही नहीं इस दुर्गा पूजा के दौरान उन्होंने उस व्यक्ति के सर के बाल जो काफी ज्यादा बड़े हो गए थे एवं दाढ़ी सेविंग करवाएं. इसके अलावा उनके लिए नए वस्त्र खरीद कर दिए. उनके सीमित संसाधन में यह मानव प्रेम निश्चित तौर पर एक सराहनीय कदम है. उनके इस प्रयास से जहां असहाय लोगों को मिल रही है मदद वहीं इससे हमें मिल रही है एक छोटी सी आशा.

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