कोलकाता पुलिस का महाअभियान नशा मुक्त समाज का संकल्प

कोलकाता(तारकेश्वर राय ): नशीली दवाओं के घातक जाल से समाज को मुक्त कराने और एक स्वस्थ भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ, कोलकाता पुलिस ने आज 'अंतर्राष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध दिवस' के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन न केवल वैश्विक स्तर पर नशीली दवाओं की समस्या को रेखांकित करता है, बल्कि भारत सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान' के विजन को भी गति प्रदान करता है।इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत बॉडीगार्ड लाइन्स, अलीपुर से हुई। कोलकाता के पुलिस आयुक्त श्री अजय नंद (IPS) ने एनजीओ और पुनर्वास केंद्रों के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद, आयुक्त ने दो विशेष जागरूकता झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनका उद्देश्य शहर के कोने-कोने में नशे के खिलाफ अलख जगाना है।बॉडीगार्ड लाइन्स के ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी बात रखी। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग (पश्चिम बंगाल सरकार) की सचिव श्रीमती मौमिता गोदारा बसु (IAS) ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं को इस बुराई से दूर रखने के लिए पारिवारिक और सामुदायिक सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोकप्रिय आरजे प्रवीण ने भी अपनी ओजस्वी वाणी से युवाओं को नशे के मोहजाल से बचने और एक रचनात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।कोलकाता पुलिस का यह पहल केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि एक स्वस्थ एवं विकसित समाज की नींव रखने का ठोस कदम है। नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति में बाधक है। प्रशासन, एनजीओ और नागरिकों का यह सामूहिक प्रयास निस्संदेह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। समय की मांग है कि हम सभी मिलकर इस संकल्प को केवल नारों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली और सामाजिक व्यवहार में उतारकर एक नशा-मुक्त भारत के स्वप्न को साकार करें।

Click Here to Visit
What's Your Reaction?