डीएसटीपीएस डीवीसी में अधिकारी व कर्मचारी वर्गों हेतु राजभाषा कार्यशाला

‘हिंदी भाषा सरल और दिलों को जोड़ने वाली भाषा है’ - श्री संचयन साहा, कार्यपालक निदेशक एवं परियोजना प्रधान

अंडाल(अमन राय) : दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केन्द्र, अंडाल में एक दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजना दिव्यज्योति भवन स्थित ट्रेनिंग हॉल में किया गया जिसमें परियोजना से नामित 27 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया ।उद्घाटन सत्र: राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डीएसटीपीएस के कार्यपालक निदेशक एवं परियोजना प्रधान श्री संचयन साहा, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ व एम) श्री सुधीर कुमार व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (एफजीडी) श्री सुकदेव खान, महाप्रबंधक श्री शिवानन्द सिंह, उप महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार, वरिष्ठ प्रबंधक श्रीमती संजुलता मोहन्ती, प्रबंधक श्रीमती राशि अग्रवाल सहित कार्यशाला के प्रतिभागियों ने संयुक्त रूप से मंगलदीप प्रज्ज्वलित किया। अपने संबोधन में परियोजना प्रधान श्री संचयन साहा ने कार्यशाला की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा सरल और दिलों को जोड़ने वाली भाषा है। मौके पर उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने कार्यालयों में अधिक से अधिक हिंदी में काम करने की अपील की।कार्यशाला सत्र: कार्यशाला के प्रथम सत्र में ‘कार्यालयी हिंदी के स्वरूप एवं संकल्पना’ विषय पर हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ, डीएसटीपीएस ने प्रकाश डाला। उन्होंने पावर प्वाइंट के माध्यम से विषय के हरेक पहलू को प्रदर्शित करते हुए चर्चा की। द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों से अभ्यास कराया गया तथा परिसंवाद सत्र चलाया गया।हिंदी पुस्तक एवं प्रमाण-पत्र वितरण : कार्यशाला के सभी प्रतिभागियों को हिंदी पुस्तक यथा - हिंदी व्याकरण, क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राजभाषा कलश, प्रेमचंद की निर्वाचित कहानियाँ एवं कर्मभूमि की एक-एक प्रति प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा परियोजना प्रधान श्री साहा ने हिंदी प्रशिक्षण सत्र नवंबर, 2022 के सभी उत्तीर्ण कार्मिकों को राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया तथा उन्हें राजभाषा कार्यान्वयन के प्रति प्रोत्साहित किया।प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागी बेहद उत्साहित दिखे। श्री आतिश कुमार पांडा, श्री प्रवीण कुमार, श्री शरद निगम, श्री बिद्युत कुमार शर्मा, श्री बासुदेव चक्रवर्ती, श्री सुब्रत प्रामानिक, श्री निरंकार वशिष्ट, श्री जाकिर होसैन, श्री रनजीत कर्मकार, श्री सब्यसाची माहता, श्री जय प्रकाश सिंह, श्रीमती रुनु सरकार, श्री प्रदीप दत्ता, श्री सुरजित हाजरा, श्री देबाशिस मुखोपाघ्याय, श्री दीनेश कुमार बायेन, श्री शरत कुमार ठाकुर, श्री शुभजीत घोष, शेख नजरुल इस्लाम इत्यादि प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण हासिल किया। अंत में, हिंदी अधिकारी श्री मियाँ के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम समाप्त घोषित हुआ।
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