बांग्ला पक्ष को बड़ा झटका 50 पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे भाजपा सरकार के कामकाज पर जताया भरोसा
पांडवेश्वर(तारकेश्वर राय ):पश्चिम बंगाल के पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भाषा के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। 'बांग्ला पक्ष' संगठन को उस समय करारा झटका लगा, जब इसके करीब 50 पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपने पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।हरिपुर स्थित विधायक सेवा केंद्र में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इन सदस्यों ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस अवसर पर पांडवेश्वर के भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे।इस्तीफा देने वाले सदस्यों का कहना है कि राज्य की नई भाजपा सरकार द्वारा बांग्ला भाषा के संरक्षण, सम्मान और अधिकारों की दिशा में पिछले कुछ महीनों में जो कदम उठाए गए हैं, वे बेहद सराहनीय हैं।सदस्यों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि कम समय में भाषा के उत्थान के लिए किए गए प्रयास उल्लेखनीय हैं।विधायक जितेंद्र तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह सामूहिक इस्तीफा किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं है, बल्कि यह केवल राज्य सरकार की भाषा-हितैषी नीतियों के प्रति समर्थन और संतोष का प्रतीक है।एक साथ 50 सदस्यों के संगठन छोड़ने से पांडवेश्वर क्षेत्र में 'बांग्ला पक्ष' के सांगठनिक ढांचे को तगड़ा झटका लगा है।पांडवेश्वर में 'बांग्ला पक्ष' संगठन से जुड़े सदस्यों का यह सामूहिक इस्तीफा यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय भाषा के मुद्दों पर वर्तमान राज्य सरकार की कार्यशैली का स्थानीय सामाजिक और वैचारिक संगठनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि इन सदस्यों ने खुद को किसी राजनीतिक दल से दूर रखा है, लेकिन सरकार के समर्थन में उठाया गया यह कदम आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को एक नई दिशा दे सकता है।

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