डीवीसी डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यशाला का सफल आयोजन

डीवीसी डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यशाला का सफल आयोजन

-"हिंदी और तकनीक का समन्वय राजभाषा कार्यान्वयन को नई गति प्रदान करेगा तथा कार्यालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगा।"— श्री अनिल कुमार जैन, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान, डीएसटीपीएस

अंडाल : राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केन्द्र, डीवीसी, अंडाल के तत्वावधान में 25 जून, 2026 को एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन दिव्यज्योति भवन स्थित प्रशिक्षण हॉल में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एवं एम) श्री सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री एस आर पांडा, महाप्रबंधक (ए एम एस) श्री राजेश कुमार लायेक, श्री श्रीकांत गेडेला, उप महाप्रबंधक (मा.सं.), डॉ. राजेश प्रसाद बरनवाल, वैज्ञानिक (एफ)/वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर (प. बं.) ने संयुक्त रूप से सद्भावना मंगलदीप प्रज्ज्वलित किया तथा कार्यशाला की सफलता की शुभकामनाएँ दीं।

संबोधन : अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार हिंदी हमारी राजभाषा है। इसका कार्यालयी उपयोग करना न केवल हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा भी है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कंप्यूटर पर हिंदी में ऑनलाइन कार्य करने की आधुनिक विधियों से परिचित कराना है, ताकि सरकारी कामकाज में भाषा और तकनीक का एक सफल समन्वय स्थापित हो सके। आगे, उन्होंने अपील की कि हम अपने प्लांट के राजभाषा ध्येय-वाक्य: “आइए हम सब मिल-जुलकर आगे बढ़ें। हिंदी बोलें, हिंदी लिखें और हिंदी पढ़ें” को अपने कार्य-व्यवहार में उतारने का संकल्प लें।वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एवं एम) श्री सुकदेव खाँ ने अपने संबोधन में कहा कि आज की कार्यशाला का विषय—“राजभाषा कार्यान्वयन में हिंदी ई-टूल्स: भूमिका, उपयोगिता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण" अत्यंत महत्वपूर्ण और सामयिक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने स्वागत भाषण दिया तथा अपनी कविताओं के माध्यम कार्यक्रम को संचालित किया।

कार्यशाला सत्र : कार्यशाला के प्रथम सत्र में वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजेश प्रसाद बरनवाल ने बतौर अतिथि प्रवक्ता ‘राजभाषा कार्यान्वयन में हिंदी ई-टूल्स: भूमिका, उपयोगिता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण’ विषय पर सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न हिंदी ई-टूल्स की विशेषताओं, उनकी उपयोगिता तथा कार्यालयीन कार्यों में उनके प्रभावी प्रयोग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राजभाषा कार्यान्वयन को सुदृढ़ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही, प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल उपकरणों एवं अनुप्रयोगों का व्यावहारिक प्रदर्शन कराते हुए आधुनिक तकनीकी परिवेश में हिंदी के सहज, प्रभावी एवं व्यापक उपयोग के लिए प्रेरित किया।

द्वितीय सत्र में डॉ. राजेश प्रसाद बरनवाल एवं हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने संयुक्त रूप से विषयवस्तु से संबंधित व्यावहारिक अभ्यास का संचालन किया। इस दौरान प्रतिभागियों को हिंदी ई-टूल्स के उपयोग का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान करते हुए कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के तकनीक-सम्मत प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी, रोचक एवं व्यवहारोपयोगी बताया।

प्रमाण-पत्र व पुस्तक वितरण : कार्यक्रम के अंत में परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने सभी प्रतिभागियों को राजभाषा प्रमाण-पत्र तथा विभागीय संकलित हिंदी पुस्तक- “राजभाषा प्रबोधिनी-हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ” (प्रथम)” प्रदान कर सम्मानित किया।

उपस्थिति : डीएसटीपीएस के विभिन्न अनुभागों, यथा—पर्यावरण अनुवीक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण, टरबाइन एवं सहायक, जल पैकेज एवं अग्नि प्रणाली, ईंधन, सी एवं एम भंडार, मानव संसाधन विकास, राजभाषा (मानव संसाधन), लेखा, संविदा एवं सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएँ, बॉयलर एवं सहायक, सुरक्षा, विद्युत, परियोजना प्रधान का कार्यालय, परिचालन (एफजीडी), रासायनिक प्रयोगशाला तथा परिचालन (ओ एवं एम) से गोपीनाथ पाइक, परिमल माझी, दिनेश कुमार बायेन, तथागत सेनगुप्ता, हरेंद्र चौरसिया, तरुण दत्ता, रंजीत कुमार साहू, सुमित पाल, श्रीमती रुनु राय सरकार, शुभाशीष दास, अशोक कुमार कपूर, असीम कुमार डे, श्रीमती अनिंदिता चौधुरी, गोपाल दास, मलय मंडल, अजय कुमार गुप्ता, श्रीमती बीना जेम्स, उमाकांत आइच, निखिल माझी, चंदन हलदार, सुशांत कुमार राउत, प्रदीप कुमार, बिस्वजीत डे, अभिजीत नंदी, शैलेश मंडल, विश्वनाथ मुखर्जी एवं सुरजीत हाजरा सहित कुल 28 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के सभी सत्रों में सक्रिय रुचि लेते हुए पूरी तन्मयता एवं लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा हिंदी ई-टूल्स के व्यावहारिक उपयोग संबंधी ज्ञान एवं कौशल अर्जित किए। अंत में, हिंदी अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


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