सुगमन् ने रचा इतिहास 30वें वार्षिकोत्सव में दिखा संस्कारों का संगम



पानागढ़: पेड़ कितना भी ऊँचा क्यों न हो जाए, उसकी पहचान उसकी जड़ों से ही होती है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए पानागढ़ की अग्रणी संस्था 'सुगमन्' ने बाजार स्थित मोनालिसा होटल में अपना 30वां वार्षिक प्रेरणा उत्सव - मातृ वंदना सह टीचर्स डे सेलिब्रेशन भव्यता और भावुकता के साथ मनाया। यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा को संस्कार से जोड़ने का एक जीवंत पाठशाला बन गया।समारोह की शुरुआत भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जैसे ही दीप जले, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। सबसे मनोहारी दृश्य तब बना जब सुगमन् के विद्यार्थियों ने मंच पर आसीन सभी गुरुजनों, अतिथियों और माताओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य आधुनिकता में विलुप्त होती भारतीय परंपरा की याद दिला गया।इस वर्ष समारोह की सबसे बड़ी ताकत रही प्रशासनिक और सामाजिक जगत की एकजुटता। संस्था के निमंत्रण पर पधारे सभी अतिथियों को ससम्मान मंच पर आमंत्रित कर बैच, शॉल, मोमेंटो और गुलाब देकर सम्मानित किया गया।मंच की शोभा बढ़ाने वाले प्रमुख नामों में इलामबाजार के माननीय संयुक्त बीडीओ शुभांकर गांगुली, कांकसा थाने के माननीय इंस्पेक्टर इंचार्ज संजीव दास, कांकसा के माननीय ज्वाइंट बीडीओ सायन मंडल, आरपीएफ पानागढ़ के माननीय इंस्पेक्टर इंचार्ज कमल राज और कांकसा ट्रैफिक गार्ड के माननीय ओ.सी. असराफुल इस्लाम शामिल रहे।गुरुजनों में प्रथम आमंत्रण श्री एच.एस. कोहली जी को दिया गया था जो चिकित्सक के अपॉइंटमेंट के कारण नहीं आ सके, लेकिन उनकी गरिमामयी उपस्थिति को महसूस किया गया। साथ ही श्री रामशंकर सिंह और श्री चंद्र भूषण शर्मा को विशेष सम्मान दिया गया.कार्यक्रम के केंद्र में थे निर्माता गुरुजन। बुदबुद हाई स्कूल से सेवानिवृत्त श्री बी.सी. उपाध्याय, कांकसा गर्ल्स हाई स्कूल से सेवानिवृत्त श्रीमती कनिका मिश्रा, पानागढ़ हिंदी हाई स्कूल से सेवानिवृत्त श्री विभाष शर्मा और आर्ट ऑफ लिविंग की सम्मानित शिक्षिका श्रीमती काकोली बनर्जी को अंगवस्त्र, शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया तो पूरा सभागार भावुक हो उठा।समारोह का सबसे हृदयस्पर्शी पल मातृ वंदना का रहा। जिन माताओं ने अपने त्याग से बच्चों को शिखर तक पहुँचाया, उन्हें नमन किया गया। भारतीय नौसेना के अधिकारी श्री रोहित झा की पूज्य माताजी और मेधावी शोध छात्र श्री अरहम आबेदीन की पूज्य माताजी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मंच से अधिकारियों ने कहा - "हर वर्दी, हर डिग्री के पीछे एक माँ की अनकही तपस्या होती है।अंत में उन अचीवर्स को सम्मानित किया गया जो सुगमन् की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। इस समारोह के प्रणेता व सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता श्री रमन शर्मा, राष्ट्रभक्त व आदर्शवादी श्री हरीश मिश्रा, आदर्श शिक्षक श्री संदीप साह, एसबीआई के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक व आदर्श गुरु-भक्त श्री संदीप रजक, अधिवक्ता श्री पिंटू कुमार, शोध छात्र श्री दिवाकर एम., आदर्श छात्र श्री अरहम आबेदीन और बिहार में प्रखंड एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहीं सुश्री अदिति कुमारी मिश्रा को मंच से सम्मान मिला।समारोह के समापन पर संस्था के कर्णधार वरिष्ठ शिक्षक श्री उमेश मिश्रा ने सभी अतिथियों, पुलिस-प्रशासन, गुरुजनों और माताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सुगमन् का यह 30वां उत्सव आने वाली पीढ़ी के लिए संस्कार और सफलता का संगम बनकर हमेशा याद रखा जाएगा।

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