कोयला खनन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्कृष्टता को बढ़ावा देने हेतु ईसीएल एवं एनआईटी दुर्गापुर का संयुक्त प्रयास

कोयला खनन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्कृष्टता को बढ़ावा देने हेतु ईसीएल एवं एनआईटी दुर्गापुर का संयुक्त प्रयास

*दुर्गापुर, ३ जुलाई, २०२६:* तकनीक-संचालित कार्यबल के निर्माण तथा अपने परिचालन कार्यों में डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), दुर्गापुर के सहयोग से अपने अधिकारियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ०३ जुलाई, २०२६ को सिटी रेजीडेंसी, दुर्गापुर में किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान एवं नवाचार के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इसके उपरांत कोल इंडिया लिमिटेड का कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का स्वागत एवं परिचय प्रो. अरविंद चौबे, निदेशक, एनआईटी दुर्गापुर द्वारा किया गया। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति को गति प्रदान करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उभरती प्रौद्योगिकियों में दक्षता विकसित करने हेतु उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के मध्य सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री सतीश झा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीएल ने परिचालन दक्षता में वृद्धि, प्रभावी निर्णय-निर्माण, खान सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा कोयला खनन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग की परिवर्तनकारी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों से उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल का निरंतर उन्नयन करते रहने का आह्वान किया।

तकनीकी सत्रों का शुभारम्भ डॉ. सुब्रत नंदी, पीएच.डी. (आईआईटी खड़गपुर) के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों में इनके बढ़ते महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

दोपहर के भोजनावकाश के उपरांत एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके पश्चात डॉ. सर्वानन चंद्रन, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, एनआईटी दुर्गापुर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने विशेष रूप से बुद्धिमान एआई-आधारित प्रणालियों के माध्यम से खान सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, पूर्वानुमान आधारित विश्लेषण, जोखिम न्यूनीकरण तथा सुरक्षित खनन परिचालन में इन तकनीकों की उपयोगिता को रेखांकित किया।

अल्पाहार अवकाश के पश्चात प्रतिभागियों के साथ एक समर्पित प्रतिपुष्टि एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, अपने विचार साझा किए तथा खनन क्षेत्र में एआई-आधारित समाधानों के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर सार्थक चर्चा की।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (कार्मिक), ईसीएल तथा श्री गिरीश गोपीनाथन नायर, निदेशक (तकनीकी), ईसीएल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों, एनआईटी दुर्गापुर के संकाय सदस्यों तथा विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन डॉ. सर्वानन चंद्रन द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने ईसीएल प्रबंधन, सभी प्रतिभागी अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए सक्षम एवं प्रौद्योगिकी-संपन्न मानव संसाधन के निर्माण में उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।


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