प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के संगम से होगा विकसित भारत का निर्माण एनआईटी दुर्गापुर


दुर्गापुर न्यूज़ :राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), दुर्गापुर में 'उन्नत भारत अभियान' के अंतर्गत "भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल प्राचीन भारतीय परंपराओं और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोणों के मिलन को दर्शाया, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक सशक्त कदम भी बढ़ाया।कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण 'बंगाग्राम' गाँव के उन बंगाली माध्यम के छात्रों की उपस्थिति रही, जिन्होंने "अंग्रेजी संचार कौशल उन्नयन" परियोजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन होनहार छात्रों और परियोजना में सक्रिय भूमिका निभाने वाले क्लब सदस्यों को श्री के.ई.एन. रघुवन और परियोजना प्रशिक्षक डॉ. श्री कृष्ण राय द्वारा सम्मानित किया गया।संस्थान के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने अपने स्वागत संबोधन में 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा शैक्षणिक संस्थानों की असली सफलता समावेशी और स्थायी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में है। एनआईटी दुर्गापुर इस लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।इससे पूर्व, क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. श्री कृष्ण राय ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और उन्नत भारत अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता श्री के.ई.एन. रघुवन ने अपने विशेष सत्र में बताया कि कैसे पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली आज के आधुनिक वैज्ञानिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है। उनके सत्र ने प्रतिभागियों को समुदाय-उन्मुख समाधानों पर सोचने के लिए प्रेरित किया।
दोपहर के सत्र में किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारते हुए, श्री रघुवन ने बायोगैस और कम्पोस्ट खाद निर्माण पर एक 'हैंड्स-ऑन' ट्रेनिंग सत्र आयोजित किया। इसका उद्देश्य कार्यशाला में आए विभिन्न कॉलेजों के सदस्यों को इस योग्य बनाना था कि वे अपने गोद लिए हुए गाँवों में इन स्थायी तकनीकों को लागू कर सकें। कार्यक्रम का मुख्य बिंदु रीजनल कोर्डिनेटिंग इंस्टीट्यूट एनआईटी दुर्गापुर,उन्नत भारत अभियान से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के सदस्य,पारंपरिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम,एवं ग्रामीण छात्रों के लिए अंग्रेजी संचार कौशल पर विशेष जोर।

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