डीएसटीपीएस डीवीसी में अधिकारी व कर्मचारी वर्गों हेतु राजभाषा कार्यशाला

डीएसटीपीएस डीवीसी में अधिकारी व कर्मचारी वर्गों हेतु राजभाषा कार्यशाला

राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उसकी शुद्धता, एकरूपता और मानकीकरण अत्यंत आवश्यक है-वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री सुधीर कुमार व्यास

अंडाल : राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केन्द्र, डीवीसी, अंडाल के तत्वावधान में 24 जून, 2025 को एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन दिव्यज्योति भवन स्थित प्रशिक्षण हॉल में किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ व एम) व प्रभारी परियोजना प्रधान श्री सुधीर कुमार व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ए एम एस) श्री सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक (असैनिक/मां.सं.) श्री अरिजीत मजुमदार, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री एस आर पांडा ने सद्भावना मंगलदीप प्रज्ज्वलित किया तथा कार्यशाला की सफलता की शुभकामनाएँ दीं। कार्यशाला में संकाय सदस्य बतौर श्री दीपक साव, हिंदी प्राध्यापक, हिंदी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग, भारत सरकार, आसनसोल केंद्र उपस्थित थे। संबोधन : महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार ने उद्घाटन भाषण दिया। प्रभारी परियोजना प्रधान श्री सुधीर कुमार व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन कोई औपचारिकता मात्र नहीं, बल्कि यह हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है। आगे उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला का विषय "हिंदी वर्तनी का मानकीकरण एवं राजभाषा कार्यान्वयन" अत्यंत महत्वपूर्ण और सामयिक है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, हिंदी हमारी राजभाषा है और संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार इसका प्रयोग सरकारी कार्यों में प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। लेकिन राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उसकी शुद्धता, एकरूपता और मानकीकरण अत्यंत आवश्यक है। हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने स्वागत भाषण दिया तथा अपनी कविताओं के माध्यम कार्यक्रम को संचालित किया।कार्यशाला सत्र : कार्यशाला के प्रथम सत्र में बतौर अतिथि प्रवक्ता हिंदी प्राध्यापक श्री दीपक साव ने ‘‘हिंदी वर्तनी का मानकीकरण एवं राजभाषा कार्यान्वयन’’ विषय पर विहंगम प्रकाश डाला तथा उन्हें अपना प्रत्येक कार्यालयीन काम हिंदी में करने के लिये प्रोत्साहित किया । उन्होंने हिंदी वर्तनी के मानकीकरण तथा राजभाषा कार्यान्वयन के व्यावहारिक पक्ष पर विशेष बल दिया। द्वितीय सत्र में श्री साव तथा हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने प्रतिभागियों से विषयान्तर्गत अभ्यास कराया। सभी प्रतिभागियों से कार्यशाला के प्रति फीडबैक लिया गया। प्रमाण-पत्र व पुस्तक वितरण : कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ व एम) व प्रभारी परियोजना प्रधान श्री सुधीर कुमार व्यास तथा महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री एस आर पांडा ने सभी प्रतिभागियों को राजभाषा प्रमाण-पत्र तथा हिंदी की पुस्तकें यथा-लेखक मॉर्गन हाउज़ल की “सेम एज़ एवर” व “धन-संपत्ति का मनोविज्ञान, पीयूस मिश्रा की “तुम्हारी औकात क्या है” तथा डॉ। ब्रजेश कुमार सिंह की “भाषा विज्ञान एवं हिंदी भाषा” प्रदान कर सम्मानित किया।उपस्थिति : इस कार्यसाला में उप महाप्रबंधक श्रीमती सौमिता रॉय, श्री श्रीकांथ गेडाला, वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री दिलीप कुमार, श्री श्रीतम कुमार बिशोयी, प्रबंधक श्रीमती पूनम यादव, श्रीमती रीना यादव, श्री पंकज लोचन, श्रीमती सोमा दास, श्री जितेन्द्र कुमार रजक, श्रीमती सतरूपा मुखर्जी, मो. नसीम जावेद, श्री आलोक प्रकाश, सेख मो. यासीन, श्री सुधीर कुमार, श्री मनीष जैन, श्री सोमेन मंडल, उप प्रबंधक श्री राजेश रंजन, श्री अमित कुमार, श्री सुखेन्दु मंडल, सहा. प्रबंधक श्रीमती आकंक्षा राज, श्री तमाल ठाकुर, श्री बिमल कुमार माजि, कार्यपालक श्री प्रताप चंद्र राहा, जेई श्री बिश्वपरिया गिरि, श्री सौरभ रक्षित, श्री रंजीत कुमार, श्री अशोक दत्ता, शा। नियंत्रक श्री देबाशीष दास, कार्या. अधीक्षक श्री बलराम बैरागी, सहा. ग्रेड-। श्री अजय कुमार गुप्ता, वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक श्री रजत कांति खटुआ सहित परियोजना के विभिन्न अनुभागों से चयनित 36 अधिकारियों व कर्मचारियों ने बड़े मनोयोग से एवं उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंत में, हिंदी अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


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