डीएसटीपीएस में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर सफल समापन

अंडाल(अमन राय) : डीएसटीपीएस ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नित नए पहल के माध्यम से एक मिसाल कायम करता रहा है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन (डीएसटीपीएस) ने सफलतापूर्वक एनर्जी कंजर्वेशन वीक का आयोजन और समापन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण के महत्व को उजागर करना और स्थायी ऊर्जा प्रथाओं को अपनाने के लिए जागरूकता फैलाना था। समापन समारोह डीएसटीपीएस संयंत्र के ट्रैनिंग हाल मे आयोजित किया गया, जहां एनर्जी एफिशिएंसी प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा संरक्षण विचारों और पहलों पर प्रेज़न्टैशन देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। ऊर्जा संरक्षण पहलों पर विभाग-वार प्रस्तुतियां दी गईं थी जिन्हें प्रस्तावित पहलों की रचनात्मकता और मौलिकता एवं प्रस्तुत प्रस्तावना से संभावित बचत, पर्यावरणीय लाभ और ऊर्जा संरक्षण में कुल योगदान मानदंडों के आधार पर आंका गया विजेता प्रतिभागियों का सम्मान वरिष्ठ महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) श्री सुधीर व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (एएचएम) श्री सुखदेव खान, तथा प्रोफेसर बिनॉय के. चौधरी, प्रोफेसर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट (आईएसडब्ल्यूबीएम) द्वारा किया गया। सम्मान कार्यक्रम के पश्चात डीवीसी कर्मचारियों के लिए ऊर्जा संरक्षण एवं प्रबंधन पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे प्रोफेसर बिनॉय के. चौधरी ने संबोधित किया। यह कार्यक्रम डीएसटीपीएस के प्रशिक्षण हॉल में सुबह 10:00 बजे से शुरू हुआ। इस आयोजन में प्रोफेसर बिनॉय के. चौधरी, जो कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट के एक प्रख्यात शिक्षाविद् और ऊर्जा विशेषज्ञ हैं, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।प्रोफेसर चौधरी का सत्र ऊर्जा संरक्षण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित था। उन्होंने पावरहाउसों और हमारे दैनिक जीवन में ऊर्जा की खपत को अनुकूलित करने के विभिन्न अवसरों को तलाशने और सतत प्रथाओं को अपनाने के महत्व पर बाल दिया | प्रोफेसर चौधरी ने पावर क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया, विशेष रूप से सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं पर और एक नई और आशाजनक तकनीक - एग्री-फोटोवोल्टिक्स (APV) के बारे में चर्चा की जो कृषि उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा उत्पादन की अनुमति देती है, जिससे भूमि का दोहरा उपयोग हो सकता है।यह पहल DSTPS की ऊर्जा दक्षता और सतत प्रथाओं के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। अपने कर्मचारियों को आवश्यक ज्ञान से सशक्त बनाकर और नवाचारों को प्रोत्साहित करते हुए, DSTPS उन्हें एक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-संवेदनशील भविष्य के निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करता है।ऊर्जा संरक्षण सप्ताह की सफलता सुनिश्चित करने में ऑपरेशन और एफिशिएंसी सेल की समर्पित टीम का बड़ा योगदान रहा, जिसमें संजुलता मोहंती (सीनियर मैनेजर, ईएमपीसी), सतरुपा मुखर्जी (मैनेजर, सी एंड आई) ,अभिषेक कुमार (मैनेजर, मेकैनिकल), अनुप घोष (मैनेजर, इलेक्ट्रिकल), सायनी भौमिक (मैनेजर, मेकैनिकल), और अनुपमा तिवारी (मैनेजर, इलेक्ट्रिकल) शामिल हैं। उनके सामूहिक प्रयासों के कारण सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित हुई।डीएसटीपीएस ने एक बार फिर ऊर्जा संरक्षण और स्थायी ऊर्जा प्रथाओं को बढ़ावा देने में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है।
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