डीएसटीपीएस डीवीसी में राजभाषा कार्यशाला एवं राजभाषा पुरस्कार का प्रदर्शन

अंडाल : दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र (डीएसटीपीएस), अंडाल में 31 दिसंबर, 2025 को राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति के तत्वावधान में एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन दिव्यज्योति भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह, वरिष्ठ महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) श्री सुकदेव खाँ, उप महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार लायेक, श्रीकांत गेडाला, देबकान्ति गुप्ता भैया, संदीप कर्मकार, बाबलु घोष तथा श्रीमती सौमिता रॉय द्वारा मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

राजभाषा शील्ड (द्वितीय पुरस्कार) का प्रदर्शन: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), दुर्गापुर द्वारा 29 दिसंबर, 2025 को सीएसआईआर–सीएमईआरआई के सभागार में ‘अखिल भारतीय कवि सम्मेलन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, दामोदर घाटी निगम, अंडाल को अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 की समीक्षा अवधि में राजभाषा नीति के श्रेष्ठ निष्पादन एवं प्रभावी कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान हेतु राजभाषा शील्ड (द्वितीय पुरस्कार) एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान नराकास के अध्यक्ष तथा दुर्गापुर इस्पात संयंत्र एवं बर्नपुर के निदेशक प्रभारी श्री सुरजित मिश्रा के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह तथा वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एंड एम) श्री सुकदेव खाँ ने यह राजभाषा शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र डीएसटीपीएस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समर्पित किया।
संबोधन: मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री राम प्रवेश साह ने कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी केवल औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि संगठन की कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रभावी एवं सहज प्रयोग से न केवल कार्य में स्पष्टता आती है, बल्कि आपसी संवाद भी अधिक सरल और सार्थक होता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे दैनिक कार्यालयी कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग कर राजभाषा नीति के सफल कार्यान्वयन में सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम में स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन उप महाप्रबंधक श्रीकांत गेडाला द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यशाला सत्र: कार्यशाला में संकाय सदस्य के रूप में हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रथम सत्र में “हिंदी वर्तनी एवं शब्दों का मानकीकरण” विषय पर विस्तृत एवं रोचक प्रस्तुति दी, जिसमें शुद्ध लेखन, मानक शब्दावली के प्रयोग तथा सामान्य वर्तनीगत त्रुटियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
द्वितीय सत्र में उन्होंने सहाभागियों को अभ्यास कार्यों के माध्यम से विषय को व्यवहारिक रूप में समझाया। अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से उनकी शंकाओं का समाधान किया गया, जिससे कार्यशाला अधिक संवादात्मक, प्रभावी एवं उपयोगी सिद्ध हुई।
समापन: कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को राजभाषा प्रमाण-पत्र एवं संकलित पुस्तिका “राजभाषा प्रबोधिनी – हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ” वितरित की गई।

उपस्थिति: इस कार्यशाला में डीएसटीपीएस के अनुभागीय प्रमुखों सहित उप महाप्रबंधक श्रीकांत गेडाला, श्री राजेश कुमार लायेक, श्री देबकान्ति गुप्ता भैया, श्री ऋषिकेश कुमार, श्री मृणाल कान्ति मंडाल, श्री सेख मोकर्रब हुसैन, श्री बाबलु घोष, श्री संदीप कर्मकार, श्रीमती एस. रॉय, श्री विशाल अग्रवाल तथा वरिष्ठ प्रबंधकों सहित लगभग 40 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त किया और कार्यशाला को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
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