डीएसटीपीएस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन

डीएसटीपीएस द्वारा रक्तदान शिविर आयोजन सराहनीय कदम - प्रोफेसर अरविन्द चौबे

सीएसआर के तहत डीएसटीपीएस प्रत्येक वर्ष लगता है रक्तदान शिविर - सुधीर कुमार झा
शिविर के दौरान 60 इकाई रक्त संगृहीत
अंडाल(अमन राय): आजादी के बाद से ही दामोदर घाटी निगम ( डीवीसी) सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में सतत सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाता आ रहा है | डीएसटीपीएस अंडाल पिछले कई वर्षो से अपने सामाजिक दायित्वों का भी पूरी निष्ठा व जवाबदेही के साथ अनुपालन करता रहा है | हमारी शुभकामना है इस संस्था को जो रक्तदान शिविर जैसा पुनीत कार्य कर रही जिससे कइयों की जान बचायी जा सकती है, रक्तदान सबसे बड़ा दान है , रक्त दान करने से दिल की सेहत में सुधार, दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम माना जाता है। खून में आयरन की ज्यादा मात्रा दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकती है। उक्त बातें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दुर्गापुर के निदेशक प्रोफेसर अरविन्द चौबे ने दामोदर घाटी निगम के विद्युत उत्पादन इकाई , दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत् केंद्र ( डीएसटीपीएस) में सीएसआर के तहत आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान कहा परियोजना के दिव्यज्योति भवन के प्रशिक्षण केंद्र में शिविर का परियोजना प्रधान सुधीर कुमार झा , महाप्रबंधक (ओ एंड एम् ) सुधीर व्यास महाप्रबंधक (एफजीडी) सुखदेव खान , उपमहाप्रबंधक अरिजीत मजूमदार , शिबानंद सिंह , उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. किशन मंडल एवं डा. दास के गौरवमयी उपस्थिति में विधिवत दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन करते हुए उन्होंने आगे कहा की डीवीसी परंपरागत ऊर्जा उत्पादन के साथ साथ नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के क्षेत्र में भी अतुल्य कार्य कर रहा है जो की काफी सराहनीय कदम है | मौके पर परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक व परियोजना प्रधान सुधीर कुमार झा ने दुर्गापुर महकमा अस्पताल के रक्त संग्रहण केंद्र एवं डीएसटीपीएस मेडिकल यूनिट के सहयोग से सीएसआर के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर के बारे में कहा की सीएसआर के तहत डीएसटीपीएस प्रत्येक वर्ष दो बार रक्तदान शिविर का आयोजन करता है जिससे हमारी कोशिश होती है समय पर किसी को रक्त की कमी न हो और कइयों की जान बचाई जा सके , श्री झा ने कहा नियमित रूप से रक्तदान करने से आयरन की अतिरिक्त मात्रा नियंत्रित हो जाती है। जो दिल की सेहत के लिए अच्छी है। उन्होंने बताया कि कई बार मरीजों के शरीर में खून की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उन्हें किसी और व्यक्ति से ब्लड लेने की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी ही इमरजेंसी स्थिति में खून की आपूर्ति के लिए लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे जरुरत मंद की मदद हो सकेगी।मोके पर कई अधिकारीगण तथा वरिष्ठ अधिकारी , प्रबंधक मनोज मंडल, , संजीब बराट, बासुदेब चक्रबोर्ती अभिजीत कर्मकार अभिजीत गोराई, काशिफ रिज़वी ज़हीर अहमद , समेत कई ठेका श्रमिकों, ग्रामीणों, एवं सीआईएसएफ के जवानो ने कुल 60 यूनिट रक्त दान किया |शिविर को सर्वांगीण सफल बनाने में मेडिकल यूनिट की और से सब्यसाची महाता, रजत कांति खटुआ, प्रदीप दत्ता , अचिन्तो, परयोजना से शुभाशीष गुप्ता , इस्माईल मियां की सराहनीय भूमिका रही| इसके लिए सीएससार विभाग के प्रबंधक शमीम अहमद ने तहे दिल से आभार व्यक्त किया |

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